कहते हैं कि आसमान में टेक नहीं होती , फिर आसमान किसके सहारे पर टिका है । बुजुर्ग बताते हैं कि यह आसमान सच्चे और ईमानदार लोगों की ईमानदारी पर टिका है । रात 11 बजे नाज़्रेथ हॉस्पीटल इलाहाबाद के स्टैंड पर एक बैग मोहम्मद शारिक को मिला !!
मोहम्मद शारिक ने इधर-उधर देखा पर कोई नहीं मिला !!
जब कोई नही मिला तो बैग लेकर अपने घर आ गए, और जब बैग खोला तो उसमें रुपया भरा हुआ था, 3 लाख 60 हजार रुपये बैग मे थे !!
पैसों को देख कर वो सोचने लगे कि पता नही हॉस्पिटल में किसका ये बैग हो, और कौन सा इलाज कराने आया हो वो बन्दा ?
शारिक भाई दूसरे दिन 11 बजे ये बैग ले कर हॉस्पीटल फिर पहुच गए !!
जिसकी अमानत थी वापस करने और शाम 4 बजे तक ढूढ़ते रहे, 11 से 4 बजे तक यानी 5 घण्टे के बाद वो शख्स मिल गया जिनका बैग था !!
फिर वो बैग वापस कर दिया, जिनका बैग था !!
उस शख्स ने बताया मेरा नाम रवि शंकर है !!
जमीन बेच कर अपने बेटे रामू शंकर का कैन्सर का इलाज करवाने आया हूँ !!
फिर शारिफ भाई को रवि शंकर जी ने पचास हज़ार बतौर ख़ुशी से इनाम देने की पेशकश की, लेकिन मोहम्मद शारिक ने कहा कि बेटे के इलाज में लगाइये !!
बेटा सही हो जायेगा तो वही इनाम होगा हमारे लिए !!
बूढ़े बाप फफक फफक के रोने लगे और बुज़ुर्ग ने बहुत दुआएं दी !!
अब सोचिये एक तरफ माॅब लिंचिंग वालो का किरदार है दूसरी तरफ मोहम्मद शारिक जैसे लोग हैं, आपको तय करना है कि आप किस पाले में है ?
हो सकता है आपको मोहम्मद शारिक नाम न पसंद आए लेकिन शारिक के किरदार को कैसे नकार दोगे ?
कोई जवाब है ओ नफरती चिंटू ?
अल्लाह तआला से दुआ हैं कि अल्लाह पाक शारिक भाई का ईमान और पुख्ता करे, और इनको इस अच्छे काम का सिला दे____अमीन
Salman Siddiqui